‘और संबंध तो अनमोल हैं, उन्हें सदैव सम्भाल कर रखिए- निराले बाबा

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चेतन गर्ग,  बरनाला  29 मई 2025
पटेल नगर, गली नम्बर 1 में स्थित श्री निराले बाबा मंदिर परिसर उत्साह उल्लासपूर्ण वातावरण में चल रही संगीत मय श्री राम कथा आयोजन के दौरान निराले बाबा ने कहा कि आज प्रभु श्रीराम का जन्म महोत्सव मनाया गया तो राम के जन्म महोत्सव पर हमने क्या शिक्षा लेनी है जैसे कि धुआं चाहे लकड़ी का हो या यादों का आँखे तो जलती ही हैं मामूली से कांच के बर्तन का हम कितना खयाल रखते हैं संबंध तो अनमोल हैं उन्हें सदैव सम्भाल कर रखिए, जीवन में खुशियाँ आएं तो मिठाई समझकर चख लीजिए और जब दुख आए तो दवाई समझकर निगल लीजिए दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो परन्तु नींद शांति और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नहीं हमारी हर समस्या का समाधान केवल हमारे पास है दूसरों के पास तो केवल सुझाव इस दौर की हकीकत यही है कि सुन लिया तो सुलझ गए ओर सुखी हो गये और अगर सुना दिया तो उलझ भी गए ओर आपसी रिश्तों से भी गये । इसलिए प्रत्येक जीवनकाल की कार्य प्रणाली में उलझना नहीं है।                           
इस अवसर पर बरनाला शहर के वर्तमान विधायक काला ढिल्लो ने प्रभु श्रीराम जन्म महोत्सव पर प्रभु के झूले को झुलाकर समस्त बरनाला वासियो को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए निराले बाबा मंदिर कमेटी के सचिव रमेश गर्ग ने बताया कि कल प्रभु श्रीराम का विवाह समारोह भव्यातिभव्य रूप आयोजित किया जायेगा। प्रेस सचिव हेमंत बांसल ने कहा कि शुक्रवार 30 मई को श्री राम कथा का विश्राम होगा उसके बाद देशी घी विशाल लंगर भंडारा सभी बरनाला शहर वासियों को कार्यक्रम में अवश्यमेव पहुंचना है। आज के इस जन्म महोत्सव पर विश्व हिन्दु परिषद के जिला प्रधान यशपाल शर्मा, महामंत्री राज पाल एवं रामनाथ माली का अभिनंदन किया गया। ब्रह्माण सभा के प्रधान अश्विनी शर्मा, के साथ साथ श्री राधा रानी प्रभात फेरी मंडल के बिंदर, विक्की, रामधन, सुरेश पप्पू, अनिल कुमार, राकेश कुमार, निरमीत आदि सभी सदस्यो का सम्मान अभिनंदन निराले बाबा मंदिर कमेटी के पदाधिकारी एव॔ सदस्यो गणो ने किया। निराले बाबा मंदिर कमेटी बरनाला के कैशियर भूषण बांसल ने कहा कि 30 मई को श्री राम कथा का भोग डालने से मंदिर की वार्षिक ध्वजारोहण ऊपर शिखर पर किया जायेगा।
आज के यजमान दानवीर सेठ श्री विजय कुमार प्रवीण कुमार भटठे वालो ने हवनयज्ञ में आहुतिया एवं पूजन अर्चना करके आरती करी।

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